
मुंबई में आयोजित एक प्रेस वार्ता में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चव्हाण ने सत्ताधारी भाजपा और एनसीपी गठबंधन को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा, ‘एक-दूसरे पर आरोप लगाने हैं तो पहले सत्ता की कुर्सी छोड़ो। जनता सब देख रही है।’
चव्हाण ने गठबंधन की आंतरिक कलह को उजागर करते हुए कहा कि किसानों की बदहाली, बेरोजगारी और विकास कार्यों में देरी जैसे मुद्दों पर ये दल आपस में ठीकरा फोड़ रहे हैं। ‘भ्रष्टाचार के आरोप लगाने हैं तो वोटर के सामने आओ, सत्ता का ढाल मत बनाओ।’
यह बयान स्थानीय निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भाजपा ने इसे विपक्ष का हताशा भरा बयान करार दिया, जबकि एनसीपी ने सफाई दी। महाराष्ट्र का सियासी समर अब और तेज हो गया है।