
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लड़की बहन योजना निर्बाध रूप से चलती रहेगी। बजट सत्र से ठीक पहले आयोजित चाय बैठक और कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विपक्ष के संदेहों को खारिज करते हुए 2026-27 के राज्य बजट को 6 मार्च को विधानसभा में पेश करने की घोषणा की।
यह योजना पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करती है, जो महिला सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनी हुई है। शिंदे ने कहा कि विपक्ष द्वारा इसकी निरंतरता पर सवाल उठाना अनुचित है, क्योंकि सरकार कल्याणकारी योजनाओं के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित है।
विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से 25 मार्च 2026 तक चलेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुष्टि की कि वे ही बजट पेश करेंगे। उन्होंने केंद्र से मिलने वाले 20,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय हस्तांतरण का जिक्र किया। साथ ही पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पिछले बजट निर्माण में योगदान की सराहना की।
महा विकास अघाड़ी के चाय बैठक बहिष्कार पर शिंदे ने तीखा प्रहार किया, उन्हें विखंडित और राजनीतिक नाटकों में मशगूल बताया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी अजित पवार के बजट पेश करने के अनुभवों को याद किया।
शिंदे ने भरोसा जताया कि आगामी बजट जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेगा और राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देगा। सरकार विकास और कल्याण दोनों पर जोर दे रही है।