
हरिद्वार। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के तिरंगे से जुड़े विवादास्पद बयान ने देशव्यापी बहस छेड़ दी है। इसी कड़ी में ऋषिकेश के जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास महाराज ने शास्त्री के विचारों का खुला समर्थन किया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जाति के चक्रव्यूह से बाहर निकलकर हिंदू समाज को एकजुट होना होगा, वरना विनाश निश्चित है।
महंत लोकेश दास ने कहा, ‘राजनीतिक दल हमें जातियों में बांटकर वोट लेते हैं, लेकिन मुसलमान बिना जाति के एकजुट रहते हैं। काशी में मस्जिद की तीन ईंटें गिरीं तो दस हजार मुसलमान जमा हो गए। वहीं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार पर किसी ने मुंह नहीं खोला।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि शंकराचार्य सनातन धर्म और भारत की रीढ़ हैं, सभी को उनके सम्मान की रक्षा करनी चाहिए।
ब्राह्मण नेताओं पर निशाना साधते हुए महंत ने कहा, ‘जो जाति के नाम पर वोट मांगते हैं, संकट में गायब हो जाते हैं। यदि हम बंटे रहे तो तिरंगे पर चांद तक आ सकता है।’ दूसरी ओर, बड़े अखाड़ा के उदासी महामंडलेश्वर हरि चेतानंद ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचारों का जिक्र करते हुए शास्त्री के बयान को सोची-समझी प्रतिक्रिया बताया।
यह घटनाक्रम हिंदू समाज में एकता की मांग को तेज कर रहा है। जातिवाद की जंजीरें तोड़कर धार्मिक एकजुटता ही राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा करेगी।