
नई दिल्ली, 31 जनवरी। हिंदू पंचांग के अनुसार 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा का पावन पर्व है, जो रविवार को रवि पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ आ रहा है। यह संयोग पूजा, दान, स्नान और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी सिद्ध होगा।
पूर्णिमा तिथि 2 फरवरी सुबह 3:38 बजे तक रहेगी। पुष्य नक्षत्र रात 11:58 बजे तक, उसके बाद अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में गोचर करेगा। सूर्योदय सुबह 7:09 बजे और सूर्यास्त शाम 6 बजे होगा।
शुभ मुहूर्तों में रवि पुष्य योग सुबह 7:09 से रात 11:58 तक और सर्वार्थ सिद्धि योग भी इसी काल में प्रभावी रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त 5:24 से 6:17, अभिजित 12:13 से 12:57, विजय 2:23 से 3:07 बजे। अमृत काल शाम 5:59 से 7:29 तक उपयुक्त।
अशुभ काल से सावधान रहें। राहुकाल दोपहर 4:39 से शाम 6 बजे, भद्रा सुबह 7:09 से शाम 4:42 तक, यमगंड 12:35 से 1:56 बजे तक। इन समयों में शुभारंभ न करें।
सनातन परंपरा में माघ पूर्णिमा का गहरा महत्व है। कल्पवास का समापन होता है और देवता प्रयागराज संगम पर स्नान करते हैं। गंगा-यमुना-नर्मदा स्नान से पाप नाश, पुण्य लाभ और मोक्ष प्राप्ति। दान व्रत से धन समृद्धि।
विष्णु-लक्ष्मी-चंद्र पूजन, सत्यनारायण कथा पुण्यदायिनी। पद्म पुराण में अश्वमेध यज्ञ समान फल बताया गया। इस पावन दिवस का लाभ उठाएं।