
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने अपनी मैजेंटा लाइन को लेकर एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से इंद्रलोक तक फैलने वाली यह लाइन कुल 89 किलोमीटर लंबी हो जाएगी, जो दिल्ली मेट्रो की सबसे लंबी लाइन बन जाएगी। विस्तार के बाद 17 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, जो पूरे दिल्ली-एनसीआर में यात्रा को सरल बना देंगे।
चौथे और पांचवें चरण के तहत रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा होते हुए) और फिर इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक तक का कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें 40 भूमिगत। पूरी लाइन चालक रहित होगी, जो सुरक्षा और दक्षता बढ़ाएगी।
वर्तमान में चार इंटरचेंज स्टेशन—कालकाजी मंदिर, बॉटनिकल गार्डन, जनकपुरी पश्चिम और हौज खास—हैं। नए जुड़ेंगे कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1, पीरागढ़ी, पीतमपुरा, हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, नबी करीम, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, दिल्ली गेट आदि। केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज बनेंगे।
डीएमआरसी के प्रधान कार्यकारी निदेशक अनुज दयाल ने कहा कि यह विस्तार क्रॉस-सिटी कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देगा। यात्रियों को एयरपोर्ट, व्यावसायिक क्षेत्रों और आवासीय इलाकों तक तेज पहुंच मिलेगी। दिल्ली की बढ़ती भीड़भाड़ के बीच यह परियोजना ट्रैफिक कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।
जैसे-जैसे निर्माण आगे बढ़ेगा, दिल्लीवासी एक एकीकृत मेट्रो नेटवर्क का लाभ उठाएंगे, जो स्मार्ट सिटी के सपने को साकार करेगा।