
भोपाल। राज्य के विस्तृत रेल नेटवर्क की सुरक्षा को चाक-चौबंद बनाने के लिए उच्च स्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पुलिस महानिरीक्षक कैलाश मकवाणा की अगुवाई में राज्य रेल सुरक्षा समन्वय समिति की बैठक पुलिस मुख्यालय में हुई।
इस बैठक का मुख्य लक्ष्य रेलवे व्यवस्था को सशक्त बनाना, विभिन्न विभागों में तालमेल बढ़ाना और बड़े आयोजनों की तैयारी सुनिश्चित करना था। डीजीपी ने अधिकारियों को पूर्वानुमान, निरंतर निगरानी और तीव्र समन्वय के निर्देश दिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित सफर मिले।
विशेषकर सिंहस्थ-2028 के दृष्टिकोण से लंबी अवधि की सुरक्षा योजना पर जोर दिया गया। चर्चा में रेल क्षेत्र में कानून व्यवस्था, ट्रैक की साफ-सफाई, भीड़ प्रबंधन, यात्रियों खासकर महिलाओं व बुजुर्गों की सुरक्षा, अपराध रोकथाम, संदिग्धों पर नजर और संवेदनशील स्टेशनों की सुरक्षा शामिल रही।
सिंहस्थ के लिए रेल यातायात प्रबंधन, अतिरिक्त गाड़ियां, स्टेशन संचालन, आपदा प्रबंधन और एजेंसी समन्वय पर विस्तार से विचार हुआ। यह कदम राज्य-केंद्र एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मुख्य रेल कॉरिडोर होने से मध्य प्रदेश में समन्वय से अपराध नियंत्रण, ट्रैक सुरक्षा और आपात प्रतिक्रिया मजबूत होगी, जो यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी।
