
मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी गैस एजेंसियों के बाहर भीड़ उमड़ पड़ी है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनावपूर्ण युद्ध का असर राज्य की गैस आपूर्ति पर दिखाई देने लगा है। उपभोक्ता चिंतित हैं कि कहीं उनके घरों में गैस सिलेंडर समय पर न पहुंचे। भोपाल से मिली जानकारी के अनुसार, लोग सुबह से ही बुकिंग के लिए पहुंच रहे हैं।
दुनिया भर में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी का सामना हो रहा है, लेकिन भारत सरकार का दावा है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। केंद्र ने आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए हैं, जबकि प्रदेश में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि कोई कमी न हो।
कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रुक गई है, जिससे चाय-पान की दुकानों से लेकर बड़े होटलों तक कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी परेशान हैं, वहीं घरेलू ग्राहक भी भविष्य की आशंकाओं से घिरे हैं। नतीजा यह है कि एजेंसियों पर भीड़ बढ़ती जा रही है।
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के सख्त आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गैस, पेट्रोल-डीजल का स्टॉक भरपूर है। एक तीन सदस्यीय समिति गठित कर आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है।
कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है कि वह संकट को नजरअंदाज कर रही है। कई जगहों पर कतारें दिख रही हैं, हालांकि पेट्रोल पंपों पर कोई दिक्कत नहीं। वैश्विक तनाव के बीच प्रदेशवासी सतर्क हो गए हैं।