
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले में गुलदार के आतंक ने लोगों को बेचैन कर रखा था, लेकिन काशीपुर में वन विभाग की टीम ने इसे पिंजरे में सफलतापूर्वक कैद कर लिया। पिछले कई दिनों से इलाके में यह जानलेवा शिकारी घूम रहा था, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ था।
काशीपुर के बाहरी इलाकों में गुलदार की बार-बार आमद दर्ज की गई थी। पशुओं पर हमले, रातों की खामोशी में गुर्राहट और बच्चों के घर से बाहर न निकलने की स्थिति ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया। वन अधिकारियों ने कैमरा ट्रैप, ड्रोन और चारा युक्त पिंजरे लगाकर ऑपरेशन शुरू किया। आधी रात के करीब पिंजरा बंद होते ही टीम ने जश्न मनाया।
‘हमारी भैंस पर हमला हुआ था, अब राहत मिली,’ ने किसान रामस्वरूप ने कहा। गुलदार को बेहोश कर चेकअप के बाद रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का सिकुड़ना और मानसून की बाढ़ ने इसे इंसानी बस्तियों की ओर धकेला।
जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ रहा है। पिछले एक माह में कई ऐसी घटनाएं घटीं। वन विभाग अब जागरूकता अभियान चला रहा है, जिसमें पशुशालाओं की सुरक्षा और रात्रि गश्त शामिल है। गुलदार को ट्रैकिंग कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा जाएगा।
काशीपुर के लोग सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं। यह घटना विकास और संरक्षण के बीच संतुलन की जरूरत बताती है। राज्य सरकार को वन गलियारों की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा ताकि भविष्य में ऐसी दहशत न फैले।