
नई दिल्ली: भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 59वीं पुण्यतिथि पर देश भर में श्रद्धा सभा का आयोजन हुआ। केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने शास्त्री जी को याद करते हुए उनके सादगीपूर्ण जीवन और ‘जय जवान जय किसान’ के नारे पर जोर दिया।
11 जनवरी 1966 को ताशकंद में शास्त्री जी का निधन हुआ था, जो आज भी रहस्यमय बना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘शास्त्री जी का जीवन देशभक्ति और ईमानदारी का प्रतीक है।’
विजय घाट पर गृह मंत्री अमित शाह ने पुष्पांजलि चढ़ाई। उन्होंने 1965 युद्ध में शास्त्री जी की भूमिका की सराहना की। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘शास्त्री जी उत्तर प्रदेश के गौरव हैं।’
शास्त्री जी ने कृषि क्रांति की नींव रखी और सैनिकों का सम्मान बढ़ाया। आज के दौर में उनकी आत्मनिर्भरता की शिक्षा प्रासंगिक है। स्कूलों में कार्यक्रम हुए, जहां छात्रों ने उनके भाषण सुनाए।
शास्त्री जी का बलिदान देश को एकजुट करने का संदेश देता है। श्रद्धांजलि सभाओं से उनकी स्मृति अमर हो गई।