
पटना, 20 जनवरी। बिहार की सियासत में हलचल मचाने वाले बयान में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की संभावनाओं को सिरे से नकार दिया। लखीसराय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि संगठन को कमजोर करने वालों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं है।
जदयू की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ताओं में बसती है, ललन सिंह ने जोर देकर कहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। यह बयान पार्टी के आंतरिक मामलों पर रोशनी डालता है।
अपने मंत्रालय की योजनाओं पर बोलते हुए ललन सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार 21 जनवरी 2026 को 80 से अधिक देशों के राजदूतों के साथ उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक आयोजित करेगी। इसकी अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जलीय कृषि उत्पादक है। इस सम्मेलन से समुद्री खाद्य निर्यात में वृद्धि और नए बाजारों की तलाश होगी।
नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद ललन सिंह ने उनके 38 साल पुराने रिश्ते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली जाने से पहले सीएम ने उनसे भेंट की, जो उनकी उदारता को दर्शाता है।
निशांत कुमार के राजनीति में उतरने पर ललन ने कहा कि यह नीतीश का फैसला होगा। नितिन नवीन को बीजेपी अध्यक्ष बनने पर बधाई दी और उनकी नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों को विकास के जनादेश के रूप में देखा। पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 विजन में बिहार की अहम भूमिका पर जोर दिया। राज्य अब पीछे नहीं, बल्कि आगे बढ़कर योगदान दे सकता है।
ललन सिंह के ये बयान बिहार की राजनीति और विकास की दिशा को नई गति प्रदान करते हैं।