
जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना कर दी गई है। यह अत्याधुनिक केंद्र सरकारी सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने और स्थानीय लोगों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने का माध्यम बनेगा।
उद्घाटन समारोह में अधिकारियों ने बताया कि यह केंद्र प्रशिक्षण, अनुसंधान और डिजिटल समाधानों के कार्यान्वयन का हब होगा। दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से बनाया गया यह केंद्र डिजिटल साक्षरता कार्यक्रमों के जरिए 10,000 से अधिक लोगों को जोड़ेगा। राशन कार्ड, स्वास्थ्य रिकॉर्ड जैसी सेवाओं के लिए मोबाइल ऐप्स विकसित किए जाएंगे।
केंद्र में हाई-स्पीड इंटरनेट, डेटा एनालिटिक्स लैब और स्टार्टअप इंक्यूबेशन स्पेस उपलब्ध हैं। स्थानीय नेताओं का मानना है कि इससे रोजगार सृजन होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 2025 तक 50 गवटेक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने की योजना है।
पायलट प्रोजेक्ट्स में प्रमाण-पत्रों के प्रसंस्करण में 40 प्रतिशत कमी दर्ज की गई है। डिजिटल इंडिया अभियान से जुड़ते हुए कुपवाड़ा अन्य सीमावर्ती जिलों के लिए मॉडल बनेगा। यह केंद्र पारदर्शी शासन की नई मिसाल पेश कर रहा है।
