
हैदराबाद। बीआरएस कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी पर संविधान का मजाक उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केटीआर ने कहा कि दोनों नेता लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने का पाप कर रहे हैं।
केटीआर ने तेलंगाना विधानसभा द्वारा नवनिर्वाचित विधायकों के शपथ ग्रहण को स्थगित करने के फैसले पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि यह कदम संविधान के अनुच्छेद 188 का स्पष्ट उल्लंघन है। ‘राहुल गांधी भाजपा पर संविधान बचाने का ढोंग करते हैं, लेकिन अपने ही मुख्यमंत्री को संविधान तोड़ने की छूट देते हैं,’ केटीआर ने तंज कसा।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने इसे प्रक्रियागत आवश्यकता बताकर बचाव किया, लेकिन केटीआर ने इसे सत्ता का नशा करार दिया। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस संवैधानिक अपमान के खिलाफ खड़े हों।
यह विवाद तेलंगाना की राजनीति में नया मोड़ ला रहा है। बीआरएस को विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन केटीआर लगातार कांग्रेस सरकार की कमियों को उजागर कर पार्टी को मजबूत कर रहे हैं। किसानों की कर्जमाफी में देरी, सिंचाई परियोजनाओं की उपेक्षा जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने हमला बोला।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केटीआर का यह रुख भविष्य के चुनावों के लिए रणनीतिक है। राहुल गांधी की चुप्पी सवाल खड़ी कर रही है। केटीआर ने चेतावनी दी कि बीआरएस संविधान की रक्षा के लिए हर मंच पर लड़ेगी। जनसभा में उनके भाषण पर भारी तालियां गूंजीं, जो बीआरएस के वापसी के संकेत दे रही हैं।