
कोलकाता पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वीजा दिलवाने के नाम पर दो बांग्लादेशी युवकों को बंधक बनाने वाले दो शातिरों को गिरफ्तार कर लिया गया। टेक्नोसिटी इलाके के एक होटल से दोनों पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राजीव लस्कर और जुनैद मियां नामक दो बांग्लादेशी नागरिकों को होटल में बंधक बनाकर रखा गया है। दोनों वैध वीजा लेकर भारत आए थे और तुर्की जाने की योजना बना रहे थे।
उन्हें हुमायूं कबीर नामक व्यक्ति ने अचिंत्य कुमार पाल से मिलवाया, जो वीजा एजेंट बनकर लोगों को ठगता था। होटल पहुंचते ही दोनों को कैद कर लिया गया। तीन लाख रुपये की फिरौती मांगी गई, जो बांग्लादेश के बैंक से ट्रांसफर भी हो गई। फिर भी रुकने का नाम न लिया।
सोमवार को दबिश देकर पुलिस ने हुमायूं और अचिंत्य को धर दबोचा। मंगलवार को बारासात कोर्ट में पेश किया गया। बिधाननगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गहन पूछताछ चल रही है। अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा रहा है।
यह मामला वीजा माफिया की करतूतों को उजागर करता है। प्रवासी युवाओं को शिकार बनाने वाले इन अपराधियों पर नकेल कसने की जरूरत है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पूरा गिरोह उजागर किया जाएगा।