दुनिया भर में युद्ध की आग भड़क रही है, ऐसे में महाराष्ट्र के कोल्हापुर में शुक्रवार को देवी महालक्ष्मी के सम्मान में दो दिवसीय कुमकुम अर्चन समारोह का आगाज हुआ। विश्वपंधारी मैदान में आयोजित इस भव्य अनुष्ठान में कोल्हापुर की हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया, वैश्विक शांति और स्थिरता की कामना की।

पूज्य करपात्री महाराज के शिष्य और राष्ट्रभक्त स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारीजी के नेतृत्व में यह समारोह राष्ट्र, राज्य और ग्रामीण स्तर पर शांति स्थापित करने के उद्देश्य से किया गया। उद्घाटन सत्र में ललित गांधी ने कहा कि देश की उन्नति के लिए सकारात्मक ऊर्जा जरूरी है और ऐसे आयोजन उसी दिशा में कदम हैं। कोल्हापुरवासियों ने इसे उत्साहपूर्वक समर्थन दिया।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारीजी ने बताया कि यह भगवती का कुंभ अर्चन है, जिसमें काशी सहित विभिन्न प्रांतों से आए वैदिक और तांत्रिक ब्राह्मणों द्वारा महायज्ञ संपन्न हो रहा है। कुमकुम अर्चना से देवी अत्यंत प्रसन्न होती हैं। हम देश, समाज और राष्ट्रहित में यह पूजन कर रहे हैं ताकि भगवती हमें सामर्थ्य दें।
स्वामी शेषनाथ तिवारी ने कहा कि यह पूजा श्रीचक्र पर आधारित है, जो ब्रह्मांड नायिका भगवती का प्रतीक है। इसकी अर्चना से ब्रह्मांड की शक्तियां प्राप्त होती हैं जो पृथ्वी पर भी प्रभावी हैं। देश में व्याप्त अशांति के बीच सभी को भगवती की शरण में आना चाहिए। यह कुंभार्चन सभी के कल्याण के लिए है।
कोल्हापुर में प्रथम बार स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारीजी के मार्गदर्शन में यह महापूजा हो रही है। आयोजन से शहर में श्रद्धा और उल्लास का माहौल है। यह समारोह आधुनिक संकटों के बीच आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक बन गया है।
