
केरल में वित्तीय अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कोच्चि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोल्लम के काजू व्यापारी अनीश बाबू को धर दबोचा है। उन पर कई काजू व्यापारियों को करोड़ों की ठगी का आरोप है।
जांच में पता चला कि बाबू ने निर्यात के नाम पर व्यापारियों को भ्रमित कर बड़े निवेश लूंटे। फर्जी दस्तावेजों और खोखे वादों के जरिए उन्होंने उद्योग को गहरा नुकसान पहुंचाया।
पिछले सप्ताह हुई छापेमारी में महत्वपूर्ण सबूत बरामद हुए, जिनमें बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल फाइलें और नकदी शामिल हैं। ईडी का दावा है कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला है जिसमें मनी लॉन्ड्रिंग का कोण भी हो सकता है।
केरल का काजू उद्योग, जो लाखों लोगों की आजीविका का आधार है, इस घोटाले से हिल गया है। व्यापारियों ने सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
अनीश बाबू को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच एजेंसी ने कई बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
यह गिरफ्तारी आर्थिक अपराधों पर लगाम कसने का संकेत है। राज्य के व्यापारिक हलकों में चर्चा जोरों पर है कि उद्योग को पारदर्शी बनाने के लिए नई नीतियां जरूरी हैं।