
बेंगलुरु में राजनीतिक तापमान बढ़ गया जब कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने एआई इम्पैक्ट समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध पर भाजपा की आलोचना का करारा जवाब दिया। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा वाले इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहे हैं ताकि अपनी नाकामियों को छिपा सकें।
खड़गे ने नितिन गडकरी के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान हुए विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि तब किसी ने उसका विरोध नहीं किया, लेकिन आज वही लोग चुप्पी साधे हैं। पूरी दुनिया भाजपा की कमियों से वाकिफ है, इसलिए यह नौटंकी बेकार है। जनता सब समझती है।
उन्होंने समिट को कुप्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण बताया। इसमें आए निवेशकों और डेलीगेट्स की राय जानना जरूरी है, न कि कांग्रेस की। भाजपा खुद कर्नाटक में कार्यक्रमों पर काले झंडे दिखाती रही है, राहुल गांधी के दौरे पर भी ऐसा ही किया।
दिल्ली के इस समिट ने भाजपा की अक्षमता उजागर कर दी, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं। कांग्रेस विधायकों के पत्र पर खड़गे बोले, महत्वाकांक्षा बुरा नहीं, लेकिन नेतृत्व से बात करने का तरीका सही होना चाहिए। अधिकार है, लेकिन शिष्टाचार जरूरी।
कर्नाटक की सियासत में यह टकराव भाजपा की दोहरी छाप को रेखांकित करता है। खड़गे का भरोसा है कि जनता सच्चाई पहचानेगी।