
नई दिल्ली में संसदीय सत्र के दौरान बड़ा हंगामा मच गया। कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। यह वाकया तब हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे।
वॉकआउट के बाद खड़गे ने पत्रकारों से कहा कि हम पीएम को पूरी तरह सुनना चाहते थे, लेकिन पिछले चार दिनों से लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं मिला। हम लोकतंत्र, जनहित, किसानों के हितों पर अमेरिकी समझौते, ट्रंप की नीतियों का अंधानुकरण, विदेश नीति, सामाजिक न्याय और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करना चाहते थे। सभी सांसद तैयार थे।
खड़गे ने कहा, विपक्ष एकजुट है। राहुल गांधी को बोलने दो तो हम सदन में लौटेंगे। हमारा कोई हंगामा नहीं था, लेकिन सरकार की मंशा साफ है – दोनों सदनों में विपक्ष को चुप कराना। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ सदन में गालियां दी जाती हैं, माइक मिलता है, भाजपा चुप रहती है। क्या कभी निंदा हुई?
उन्होंने चेतावनी दी कि लोकसभा चार दिनों से ठप है क्योंकि विपक्षी नेता को बोलने नहीं दिया जा रहा। दोनों सदन मिलकर संसद बनाते हैं। सरकार गलतियां छिपाने को एक सदन को चलने नहीं दे रही। यह देश और लोकतंत्र के लिए घातक है। हम अपमान का विरोध करेंगे।
विपक्ष का यह कदम संसदीय परंपराओं पर सवाल उठाता है। आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा।