
केरल की राजनीति में भूकंपकारी घटना। नेमम से कांग्रेस विधायक राहुल मामकूटाथिल को एक महिला सहयोगी द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अलुवा मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आज यह फैसला सुनाया, जब विधायक को पुलिस हिरासत से कोर्ट में पेश किया गया।
मामला पार्टी की बैठकों और कार्यक्रमों के दौरान हुई कथित घटनाओं से जुड़ा है। शिकायतकर्ता, जो कांग्रेस महिला मोर्चो से जुड़ी हैं, ने विधायक पर बार-बार अनुचित व्यवहार, धमकियां और शारीरिक छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने जांच में गवाहों के बयान, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई तेज कर दी।
कोर्ट में विधायक के वकीलों ने राजनीतिक साजिश का हवाला देकर जमानत की मांग की, लेकिन अभियोजन पक्ष ने पुख्ता सबूत पेश कर हिरासत को जरूरी ठहराया। मामकूटाथिल ने सभी आरोपों को सिरे से नकारा और कहा कि यह उनकी लोकप्रियता से जलने वालों की चाल है।
इस घटना ने कांग्रेस में हड़कंप मचा दिया है। पार्टी नेताओं ने आंतरिक जांच की बात कही, जबकि विपक्ष ने हमला बोला। महिला संगठनों ने सड़कों पर उतरकर कठोर सजा की मांग की। पुलिस आगे की पूछताछ और फोरेंसिक जांच जारी रखेगी। यह केस भारतीय राजनीति में महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता की परीक्षा बन गया है। न्याय की प्रक्रिया पूरी होने तक विधायक का राजनीतिक भविष्य अधर में लटक गया है।
