
केरल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है। वाम मोर्चा के लंबे समय से समर्थक रेजी लुकोस ने भाजपा का दामन थाम लिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब पुरानी विचारधाराओं का कोई स्थान नहीं बचा है।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित प्रेस वार्ता में लुकोस ने अपनी विचारधारा परिवर्तन के कारण बताए। उन्होंने वामपंथी दलों की आर्थिक नीतियों पर नाराजगी जताई, जो राज्य को विकास की राह से भटका रही हैं। ‘कम्युनिस्ट सिद्धांत आज के दौर में अप्रासंगिक हो चुके हैं,’ उन्होंने कहा।
यह कदम भाजपा की केरल में विस्तार रणनीति का हिस्सा है। राज्य में कांग्रेस और एलडीएफ के दबदबे के बीच भाजपा को नई ताकत मिली है। लुकोस के अनुभव से पार्टी मजदूर वर्ग के वोटरों तक पहुंच सकेगी।
वाम नेताओं ने इसे विश्वासघात करार दिया। सीपीआई(एम) ने लुकोस पर निजी स्वार्थ का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस ने इसे राजनीतिक नौटंकी बताया।
लुकोस ने भरोसा दिलाया कि वे भाजपा के विकास एजेंडे को मजबूती देंगे। आगामी चुनावों में यह बदलाव भाजपा के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। केरल के युवा बेरोजगारी और पिछड़ेपन से तंग आ चुके हैं, ऐसे में यह स्विच महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लुकोस जैसे और लोग भी भाजपा की ओर रुख कर सकते हैं। यह राज्य की त्रिपक्षीय राजनीति को नया आयाम देगा।