
केरल हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील रेप मामले में कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल की गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह फैसला उस समय आया जब थ्रिसूर पुलिस आरोपी विधायक को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही थी। पीड़िता ने विधायक पर राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान बलात्कार और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है।
मामला पिछले महीने तब सुर्खियों में आया जब एक महिला कार्यकर्ता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि विधायक ने पार्टी मीटिंग के बाद उसे होटल ले जाकर शारीरिक शोषण किया और अपने पद का दुरुपयोग कर धमकी दी। पुलिस ने आईपीसी की धारा 376 समेत कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की, जिससे राजनीतिक हंगामा मच गया।
ममकूटथिल ने सभी आरोपों को सिरे से नकारते हुए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। उनके वकील ने दावा किया कि यह शिकायत राजनीतिक साजिश है, जो स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले की गई है। उन्होंने जांच में पुलिस पक्षपात और प्रक्रिया संबंधी खामियों का हवाला दिया।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पुलिस रिपोर्ट का अध्ययन किया और तत्काल गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं मानते हुए स्टे दिया। जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने कहा कि हिरासत से पहले पर्याप्त सबूत जुटाए जाएं। विधायक को जांच में सहयोग करने और गवाहों से प्रभावित न करने का निर्देश दिया गया। अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी।
इस फैसले से केरल की राजनीति में भूचाल आ गया। कांग्रेस ने इसे न्याय की जीत बताया, जबकि एलडीएफ ने निष्पक्ष जांच की मांग की। महिला संगठनों ने विरोध जताया। यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और न्यायिक प्रक्रिया की पड़ताल को मजबूर करता है।