
कोच्चि। केरल हाईकोर्ट ने कुवैत से डिपोर्ट किए गए भारतीय नागरिक सूरज लामा की रहस्यमयी मौत के मामले में जांच को बंद करने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस देवन रामचंद्रन और जस्टिस एम.बी. स्नेहलता की बेंच ने विशेष जांच दल को पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल जारी रखने का निर्देश दिया।
लामा को आधिकारिक आदेश पर कोच्चि लाया गया था, जहां वह कमजोर और अस्वस्थ नजर आया। इसके बावजूद इमिग्रेशन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने उसे बिना किसी सहायता के क्लियरेंस दे दिया। लापता शिकायत पर पुलिस ने उसे प्रोटेक्टिव कस्टडी में लेकर कलामस्सेरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया।
डॉक्टरों ने कोई गंभीर समस्या न होने पर छुट्टी दे दी। उसी इलाके में मिली सड़ी हुई लाश फोरेंसिक जांच से लामा की साबित हुई। 1 दिसंबर 2025 की अंतरिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सड़न के कारण मौत का कारण स्पष्ट न हो सका।
कोर्ट ने कहा कि मामला अभी पूरी तरह खुला है। सिर्फ शव की पहचान से याचिका बंद नहीं हो सकती। शहर पुलिस कमिश्नर स्तरीय एसआईटी को इमिग्रेशन, पुलिस हैंडलिंग और मेडिकल केयर में चूकों की जांच का आदेश दिया। याचिकाकर्ता के हत्या के संकेत पर कोर्ट ने घटनाक्रम जांच पर जोर दिया। अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद।