
केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन के बड़े-बड़े लक्ष्य अभी भी अधूरे हैं। एक महत्वपूर्ण सभा में उन्होंने कार्यकर्ताओं से नई ऊर्जा के साथ समर्पण से कार्य करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘आरएसएस के लक्ष्य अभी अधूरे हैं।’ उनके ये शब्द स्वयंसेवकों के दिलों को छू गए। उन्होंने संगठन के सामाजिक परिवर्तन के विजन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश के बदलते परिदृश्य में सांस्कृतिक संरक्षण और एकता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी है।
आर्लेकर ने आरएसएस के ऐतिहासिक योगदान की सराहना की, लेकिन चेतावनी दी कि अतीत की उपलब्धियों पर टिके रहना ठीक नहीं। केरल की विशिष्ट परिस्थितियों का जिक्र करते हुए उन्होंने शाखाओं को मजबूत करने और जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर दिया। सभा में सैकड़ों स्वयंसेवक मौजूद थे, जिन्होंने राज्यपाल के संदेश का स्वागत किया।
कार्यक्रम में जमीनी स्तर के प्रयासों पर चर्चा हुई। राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा किए और स्वयंसेवकों से नवीन रणनीतियों अपनाने को कहा। यह आह्वान केरल में आरएसएस की गतिविधियों को नई गति दे सकता है। संगठन के कार्यकर्ता अब और अधिक उत्साह से राष्ट्र निर्माण में जुटेंगे, जो पूरे देश के लिए प्रेरणादायक होगा।