केरल में सीपीआई(एम) के भीतर कटुता, मुख्यमंत्री का पत्र
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 2 सितंबर को कहा कि सीपीआई(एम) के भीतर गंभीर असंतोष और मतभेद हैं, जिनमें अपने गठबंधन सहयोगी सीपीआई के साथ भी मतभेद शामिल हैं। पार्टी के चुनाव विश्लेषण को लेकर जारी तनाव ने अंदरूनी टकराव को और गहरा किया है। सतीशन ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) के अनुषंगी संगठनों को सड़कों पर उतारा जा रहा है ताकि जनता का ध्यान पार्टी के मुल मुद्दों से हटाया जा सके। उन्होंने सरकार के ‘तूफान’ अभियान की तीव्र प्रगति और नशा प्रतिबंध मामलों को तेज करने के लिए तीन नई विशेष एनडीपीएस अदालतों की स्थापना का भी उल्लेख किया। पूर्व विजयन सरकार को ड्रग डीलरों को राजनीतिक सुरक्षा देने का आरोप लगाते हुए, उन्होंने गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के नेतृत्व में तेज़ कार्रवाई का संकेत दिया। शिक्षा विभाग से 18 पीएससी श्रेणियों की रैंक लिस्ट को छह महीने की अवधि तक बढ़ाने की घोषणा की, जो पहले सितंबर‑अक्टूबर 2026 में समाप्त होने वाली थी। बाढ़ राहत वितरण प्रक्रिया की जांच चल रही है और मदद जल्द जारी की जाएगी। राजकीय समारोहों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या उपराष्ट्रपति की मौजूदगी में दो ही छंद का राष्ट्रगान गाया जाएगा, और संवैधानिक अधिकारियों को आमंत्रित करना जारी रहेगा। राज्यपाल की नियुक्तियों, विशेषकर कुलपतियों की नियुक्ति पर भी सतीशन ने आलोचना की और पिछले मज़बूत समझौते में बदलाव पर सवाल उठाए। ग्रैंड मुक़द्दस शेख अबू बकर अहमद की महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों से बाहर रखने वाली टिप्पणियों को उन्होंने अस्वीकार किया, महिलाओं के सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका को दोहराते हुए।


