
तिरुवनंतपुरम। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा पर मुसलमानों के खिलाफ घृणा फैलाने का गंभीर आरोप लगाते हुए उनका कड़ा विरोध किया है। फेसबुक पर पोस्ट किए गए बयान में उन्होंने असम भाजपा के आधिकारिक हैंडल से शेयर हुए एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें सरमा कथित रूप से मुसलमानों पर हिंसा भड़काते नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो ने धर्मनिरपेक्ष समाज को हिला दिया है और भाजपा की खतरनाक राजनीति को बेनकाब कर दिया है, विजयन ने कहा। संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा ऐसा करना अभूतपूर्व और चिंताजनक है, जो देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
विजयन ने सरमा के ‘मिया’ मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अपमानजनक बयानों को भाजपा की विभाजनकारी रणनीति का हिस्सा बताया। असम विधानसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देना उनकी चाल है, भले संविधान का उल्लंघन हो।
उन्होंने सवाल उठाया कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ नरसंहार जैसे बयान देने वाले को धर्मनिरपेक्ष राज्य का मुख्यमंत्री कैसे बनाया जा सकता है? भाजपा नेतृत्व की खामोशी सहमति दर्शाती है। सरमा वही कहते हैं जो भाजपा और आरएसएस खुलकर नहीं बोलते।
सरमा के कांग्रेस से भाजपा में 2015 में आने के बाद पूर्वोत्तर में सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का जिक्र करते हुए विजयन ने कहा कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई न होना भाजपा की मूल विचारधारा को प्रमाणित करता है। देश को एकजुट रखने के लिए ऐसी राजनीति का विरोध जरूरी है।