
मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच केरल सरकार ने गल्फ देशों में रहने वाले अपने लोगों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मंगलवार रात लोक केरल सभा के माध्यम से गल्फ प्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गैर-निवासी केरलवासियों (एनआरके) की सुरक्षा राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विजयन ने प्रवासी समुदाय से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह मतभेद भुलाकर सामूहिक रूप से काम करने का समय है। मलयाली डायस्पोरा से मिले विभिन्न प्रतिक्रियाओं पर उन्होंने संतोष जताया, हालांकि क्षेत्रीय सुरक्षा परिवर्तनों की चिंता बरकरार है।
राज्य ने केंद्र सरकार को भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी लोगों के लिए तत्काल वापसी की व्यवस्था के बारे में सूचित किया है। सीएम ने भरोसा दिलाया, ‘हम अपने दायरे में हर संभव सहायता देंगे।’
बैठक में फ्लाइट रद्दीकरण, रिफंड में विलंब, ऊंचे किराए, चार्टर्ड उड़ानों की संभावना और गल्फ एयरपोर्ट्स पर फंसे ट्रांजिट यात्रियों की समस्याओं पर चर्चा हुई। इन्हें केंद्र के समक्ष रखा जाएगा।
विजयन ने भारत-गल्फ व्यापार संबंधों का जिक्र करते हुए लंबे अस्थिरता के आर्थिक प्रभाव की चेतावनी दी, जो केरल की नौकरियों और सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है।
प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके देशों में हालात शांत हैं, लेकिन व्यावहारिक चुनौतियां जैसे इमरजेंसी यात्रा, परीक्षा के लिए लौटने वाले छात्र, रद्द फ्लाइट से फंसे यात्री और ट्रांजिट वीजा समस्याएं बनी हुई हैं।
सीएम ने एनआरके से दूतावासों और स्थानीय सलाह का पालन करने तथा अफवाहों से बचने को कहा। उन्होंने संकट में राज्य के हस्तक्षेप का वादा किया।