उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों के संगम पर बसा केदारनाथ धाम गुरुवार सुबह से रुक-रुक कर बर्फबारी का शिकार हो रहा है। इस असामान्य मौसमी करवट ने न केवल तापमान को गिराया है, बल्कि यात्रा तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

11वें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ में इस सप्ताह तीसरी बार बर्फबारी दर्ज की गई है। मार्च में सामान्यतः मौसम सुहावना होने लगता है, लेकिन इस बार ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्दी का प्रकोप बरकरार है। तापमान में भारी गिरावट से इलाके में ठंडक बढ़ गई है।
देश के अन्य हिस्सों में गर्मी का कहर है, वहीं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। रुद्रप्रयाग के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हिमपात से सड़कें अवरुद्ध होने का खतरा है।
सबसे बड़ी चुनौती 22 अप्रैल को मंदिर कपाट खुलने की है। लाखों भक्तों के दर्शन के लिए पहुंचने की तैयारी जोरों पर है। यदि बर्फबारी जारी रही तो मार्ग साफ करने और इंतजामों में कठिनाई आएगी। प्रशासन रास्तों को जल्द साफ करने में जुटा है।
धाम में तैनात आईटीबीपी और पुलिस जवान विपरीत परिस्थितियों में भी डटकर ड्यूटी निभा रहे हैं। उनका समर्पण सराहनीय है।
जिला प्रशासन हालात पर कड़ी नजर रखे हुए है। बर्फबारी का आकलन कर आगे की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
