
नई दिल्ली, 24 फरवरी। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार को कर्नाटक सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में 2.94 लाख सरकारी पद खाली पड़े हैं। उन्होंने बेरोजगार युवाओं के आंदोलनों को हल्के में न लेने की सलाह दी और चिंता जताई कि यह स्थिति राज्य के लिए खतरे की घंटी है।
धारवाड़ में युवाओं का सड़क पर उतरना सरकार की भर्ती प्रक्रिया में विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। कुमारस्वामी ने कहा कि युवा लापरवाही के कारण मजबूर होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके अपनाने की अपील की और उनका पूरा समर्थन देने का वादा किया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कैबिनेट स्तर के पद तो ‘सुपरफास्ट’ भरे जा रहे हैं, लेकिन आम पदों पर कोई ध्यान नहीं। कर्नाटक प्रशासनिक सुधार आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 7 लाख बेरोजगार सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं।
सरकार ने आंतरिक कलह में तीन साल बर्बाद कर दिए, जिससे चरणबद्ध भर्ती संभव नहीं हो सकी। कुमारस्वामी ने बेरोजगारी को ‘लगातार फूटने वाला ज्वालामुखी’ करार दिया और बजट में विशेष प्रावधान की मांग की।
शिक्षा, स्वास्थ्य व पुलिस विभागों में सबसे ज्यादा खाली पद हैं। बेंगलुरु के 18 बड़े थानों में इंस्पेक्टर तक नहीं, जिसका कारण सरकार की ट्रांसफर पॉलिटिक्स है। इससे शासन व्यवस्था चरमरा रही है।
कुमारस्वामी ने सरकार से विधान सौधा की तीसरी मंजिल से उतरकर युवाओं की सुनने को कहा, वरना राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी।