
नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने 6,000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का खुलासा किया, जो राज्य के शराब व्यापारियों ने ही उजागर किया है।
त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र में विपक्ष में रहते हुए भी गुजरात मॉडल की चर्चा होती थी, लेकिन कांग्रेस शासित राज्यों में उनका मॉडल क्या है? वाइन मर्चेंट्स एसोसिएशन के अनुसार, रेस्तरां और होटलों के आबंटन के नाम पर मंत्रियों तक रिश्वत का सिलसिला चल रहा था।
जनता किसी भी सरकार से विकास और सुशासन की अपेक्षा रखती है। मध्य प्रदेश में लड़कियों के भविष्य को सुरक्षित करने वाली योजनाएं और कर्नाटक में 2008 में किसानों को ब्याज मुक्त ऋण जैसी पहल भाजपा की देन हैं। वहीं कांग्रेस का मॉडल सत्ता की लड़ाई का है—कर्नाटक, मध्य प्रदेश या राजस्थान में मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री के बीच कलह जारी है। कर्नाटक की जनता के साथ बड़ा धोखा हुआ है।
पश्चिम बंगाल पर बोलते हुए त्रिवेदी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का जिक्र किया, जिसमें सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन आवंटन 31 मार्च 2026 तक पूरा करने को कहा गया। टीएमसी घुसपैठियों के वोट के लालच में राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। बंगाल की जनता तृणमूल को ठुकराकर भाजपा को चुनेगी।
यह प्रेसवार्ता कांग्रेस की विफलताओं को उजागर करती है और भाजपा के विकास मॉडल को रेखांकित करती है।