
बेंगलुरु में आयोजित एक प्रमुख कृषि कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने शुक्रवार को किसानों से केंद्र की कथित साजिश के विरुद्ध एकजुट होने की अपील की। उन्होंने मनरेगा को समाप्त कर विकसित भारत-रोजगार गारंटी योजना लागू करने की योजना को ‘वीबी-जी राम जी’ बताते हुए इसका पुरजोर विरोध करने को कहा।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2026, फसलोत्तर कृषि-किसान सशक्तिकरण और राज्य स्तरीय कृषि वैज्ञानिक सम्मान समारोह में बोलते हुए सीएम ने कहा कि उनकी सरकार कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कटिबद्ध है। किसानों को उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिसमें भंडारण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग से लेकर विपणन तक शामिल हो।
महिला किसानों की उपलब्धियों का सराहनीय उल्लेख करते हुए उन्होंने अधिक महिलाओं के खेती में योगदान की वकालत की। सरकार गुणवत्ता बीज, खाद, दवाओं की आपूर्ति कर रही है और 1500 करोड़ की मशीनरी सब्सिडी उपलब्ध कराई है। फसल बीमा में शीर्ष राज्य बन कर्नाटक ने 6000 करोड़ का मुआवजा वितरित किया।
गन्ना, रागी के अलावा फसलोत्तर कार्यों में भागीदारी जरूरी। गन्ना मूल्य किसानों से चर्चा के बाद तय, तूर खरीद केंद्र समय से पूर्व सक्रिय। मक्का उत्पादन 54 लाख मीट्रिक टन संभव, 2400 रुपये प्रति क्विंटल दर पर 40 लाख टन खरीद सुनिश्चित।
युवाओं से कृषि अपनाने का आग्रह किया, क्योंकि स्वतंत्रता पूर्व 80 प्रतिशत से घटकर अब 62 प्रतिशत आबादी पर निर्भर। भारत आत्मनिर्भर, कांग्रेस घोषणापत्र के वायदे पूरे जैसे कृषि भाग्य पुनः प्रारंभ।
शक्ति, गृह ज्योति, गृह लक्ष्मी जैसी योजनाएं महिलाओं हेतु क्रांतिकारी, अन्न भाग्य से गरीब बचत कर निवेश कर रहे। मनरेगा मनमोहन सिंह की देन, अब केंद्र ने नियंत्रण लिया। सभी किसान मनरेगा बहाल कराएं, वीबी-जी राम जी ठुकराएं।
