
बेंगलुरु में सत्ताधारी कांग्रेस की आंतरिक कलह तेज हो रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि पार्टी हाईकमान का निर्णय ही अंतिम होगा। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के बयानों के जवाब में उन्होंने कहा कि वह किसी की टिप्पणियों पर बोलने से बचेंगे।
सिद्धारमैया ने कहा, ‘हाईकमान जो कहेगा, वही चलेगा। शिवकुमार के बयान पर उनसे ही पूछें। मैं तैयार हूं।’ दिल्ली यात्रा के सवाल पर उन्होंने बजट तैयारियों का हवाला दिया।
शिवकुमार के बजट बैठक न आने पर बताया कि उन्हें असम चुनाव संबंधी दिल्ली बैठक के लिए छूट दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के मतदाता सूची रिवीजन वाले बयान पर अध्ययन के बाद बोलेंगे।
शिवकुमार ने पहले दोनों नेताओं के सहमति का दावा किया था, लेकिन नेताओं से सार्वजनिक बयानों से बचने को कहा। यह सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र के दावे के जवाब में था, जिन्होंने सीएम के पूरे कार्यकाल की बात कही।
कर्नाटक में यह खींचतान राज्य की राजनीति को प्रभावित कर रही है। हाईकमान का हस्तक्षेप ही समाधान ला सकता है। बजट सत्र से पहले एकता जरूरी है। आने वाले दिनों में दिल्ली का फैसला सभी की नजरें बर्बस्त करेगा।