
दावणगेरे, 9 फरवरी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सोमवार को घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य बजट पेश करने की तिथि का खुलासा बहुत जल्द हो जाएगा। वे यहां श्री महर्षि वाल्मीकि गुरुपीठ परिसर के हेलीपैड पर पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।
यह बजट सिद्धारमैया का 17वां बजट होगा, जो उन्हें कर्नाटक के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित कर देगा। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारी बैठकें शुरू हो चुकी हैं, जो बजट की मजबूत योजना का संकेत देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘राज्य बजट की तैयारियां जोरों पर हैं और पेश करने की तारीख शीघ्र घोषित होगी।’ इस बयान को कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों पर करारा जवाब माना जा रहा है।
आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापना की मांग पर उन्होंने कहा कि सरकार इस पर विचार कर निर्णय लेगी। मेट्रो किराए में वृद्धि के सवाल पर स्पष्ट किया कि यह केंद्र नियुक्त मेट्रो अध्यक्ष का फैसला है, राज्य का कोई हस्तक्षेप नहीं।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की दिल्ली यात्रा की खबरों पर उन्होंने कहा कि इस बारे में शिवकुमार से पूछा जाए। भारत-अमेरिका समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताते हुए पीएम मोदी पर अमेरिकी दबाव में झुकने का आरोप लगाया।
वाल्मीकि समुदाय की मंत्री पद की मांग पर कहा कि कोई मंत्री हटाया नहीं गया, इस्तीफे मजबूरी में हुए। अगले कैबिनेट विस्तार में इस पर विचार होगा। मंत्री एसएस मल्लिकार्जुन के इस्तीफे की अफवाह को सिरे से खारिज किया।
सोशल मीडिया पर लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर बहस के दौरान पीएम मोदी की चुप्पी को कायरतापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संसदीय इतिहास में पहली बार यह प्रस्ताव बिना पीएम के जवाब के पारित हुआ।
राहुल गांधी द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों और जनरल नरवणे की किताब के हवाले से उठाए गए सवालों को दबाने का आरोप लगाया। स्पीकर ओम बिरला के पक्षपातपूर्ण रवैये ने लोकसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई।
बजट की तैयारी के बीच सिद्धारमैया के ये बयान राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ को रेखांकित करते हैं। बजट तिथि का इंतजार सभी को है।
