
बेंगलुरु में गुरुवार को कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर जोरदार प्रहार किया। परिवहन विभाग के कर्मचारियों के आंदोलन और शहर में कचरा संकट के बीच वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए विपक्ष के नेता आर. अशोक ने कहा कि सत्ता में आने के बाद किसी भी विभाग को पर्याप्त बजट नहीं मिला।
मीडिया से बातचीत में अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी पर कर्मचारी मांगों को लटकाने का इल्जाम लगाया। आरटीसी कर्मी 38 महीने के बकाया वेतन के लिए हड़ताल पर हैं। “खजाना खाली है। जायज मांगें पूरी होनी चाहिए थीं। यह सरकारी नाकामी है।”
अशोक ने तर्क दिया कि धन उपलब्ध होता तो किस्तों या एकमुश्त भुगतान हो जाता। विरोध की घोषणा के बाद ही कार्रवाई हुई, जिसमें 26 महीने का भुगतान प्रस्तावित किया गया, जिसे कर्मियों ने ठुकरा दिया।
रेड्डी के भाजपा सरकार पर पुराने बकाये के आरोपों का जवाब देते हुए अशोक ने 2018 की विरासत और अपने 2009-13 के कार्यकाल का ब्योरा सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
उन्होंने कहा कि लाभकारी परिवहन निगम को घाटे में धकेल दिया गया। कोविड प्रभाव को अब बहाना बनाना गलत है। ठेकेदार हड़ताल की तैयारी में हैं, उत्पाद शुल्क ठेकेदार भी प्रदर्शन करेंगे। “तीन साल की गलतियों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” आरटीसी मांगें तुरंत पूरी करने की अपील की।
कर्नाटक में प्रशासनिक खामियां उजागर हो रही हैं, जो राजनीतिक तनाव बढ़ा रही हैं।