
कर्नाटक में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य भाजपा ने केंद्र सरकार के गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर अवैध बस्तियों की गहन NIA जांच कराने की मांग की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि ये बस्तियां राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं।
पत्र में राज्य अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र सहित वरिष्ठ नेताओं ने विस्तार से अवैध कब्जों का जिक्र किया है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार की निगरानी में सरकारी और वन भूमि पर हजारों अतिक्रमण हो चुके हैं। कई संवेदनशील इलाकों में ये बस्तियां आतंकी गतिविधियों का अड्डा बन सकती हैं।
बेंगलुरु के बाहरी इलाकों से लेकर तटीय क्षेत्रों तक ये समस्या फैली हुई है। भाजपा का दावा है कि स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत से ये बस्तियां पनप रही हैं। NIA जैसी केंद्रीय एजेंसी ही इसकी निष्पक्ष जांच कर सकती है।
कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा विकास कार्यों को बाधित करने की कोशिश कर रही है। फिर भी, भाजपा पूरे राज्य में आंदोलन की तैयारी में है।
मानसून नजदीक आते ही बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है। पत्र में तत्काल बेदखली और असली जरूरतमंदों के लिए पुनर्वास की मांग भी की गई है। अमित शाह के कार्यालय ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है। क्या होगा अगला कदम, सभी की नजरें दिल्ली पर टिकी हैं।
यह मुद्दा न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे देश के लिए मिसाल कायम कर सकता है। भाजपा का यह कदम सत्ताधारी दल को कटघरे में ला खड़ा कर दिया है।