
बेंगलुरु में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की कथित हत्या के विरोध में जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कर्नाटक के गृहमंत्री जी. परमेश्वर ने साफ लफ्जों में कहा कि किसी भी प्रदर्शन को देश के कानूनी दायरे से बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय का एक हिस्सा खामेनेई को अपना धार्मिक नेता मानता है। उनके निधन पर शोक स्वाभाविक है, लेकिन बिना अनुमति जुलूस नहीं निकाला जा सकता। एक जुलूस बिना इजाजत निकल गया, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
गृहमंत्री ने कहा कि अदालत के निर्देशानुसार फ्रीडम पार्क ही विरोध का स्थान है। भविष्य में ऐसी अनुमतियां नहीं मिलेंगी। उन्होंने सीएए प्रदर्शनों के दौरान राहुल गांधी को भी जुलूस न निकालने की नसीहत का जिक्र किया।
मध्य पूर्व में फंसे कर्नाटकवासियों पर अपडेट देते हुए परमेश्वर ने कहा कि कई लोग लौट चुके हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्र को पत्र लिखा है। यूएई में करोड़ों भारतीय फंसे हैं, जिनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास तेज हैं।
केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर 34 उड़ानें रद्द हुईं। अबू धाबी, दुबई जैसे रूट प्रभावित। यात्रियों को एयरलाइंस से संपर्क की सलाह।
कर्नाटक सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रति कटिबद्ध है, चाहे वैश्विक संकट कितना भी प्रभाव डाले।