
जम्मू, 22 जनवरी। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को आज दो वर्ष पूरे हो गए। 500 वर्षों की लंबी लड़ाई के बाद 22 जनवरी 2024 को यह ऐतिहासिक क्षण आया, जब भगवान राम को उनका स्थान प्राप्त हुआ।
इसी संघर्ष के नायक कारसेवक संजय कुमार ने अपने घर पर पूजा-अर्चना कर इस खुशी का जश्न मनाया। उन्होंने खुलकर कट्टर सोच रखने वालों और विरोधी तत्वों पर निशाना साधा।
1992 में विवादित ढांचे के गिरने पर उन्होंने कहा, “मैं तब 17 साल का था। आंखों देखा वह पल आज भी गर्व का विषय है। कारसेवक बनकर श्रीराम के कार्य में योगदान देना सौभाग्य था।”
प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पर कुमार ने कहा, “यह सनातन धर्म और देश के लिए स्वर्णिम दिवस है। लेकिन कुछ लोगों में बाबर की आक्रामक मानसिकता कायम है। बांग्लादेशी व रोहिंग्या घुसपैठ देश को खतरे में डाल रही। पश्चिम बंगाल के विधायक द्वारा बाबरी मस्जिद का पत्थर रखना उसी सोच का प्रतीक है।”
“मस्जिद बनानी हो तो बनाओ, लेकिन बाबर जैसे मंदिर तोड़ने वाले से क्यों जोड़ना?” उन्होंने जातिवादी जहर फैलाने वालों, कट्टरपंथियों और घुसपैठियों को शांति भंग करने वाला बताया।
यह वर्षगांठ सनातन की विजय का प्रतीक है, जो हमें सजग रहने की सीख देती है।