जैफ नड्डा प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद छात्र विरोध पर राजनीतिक टकराव
नई दिल्ली, 22 जुलाई – केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने सवाल उठाया कि जब लाखों छात्र जंतर‑मंतर में सिर्फ अपनी मांगें रखकर आए हैं तो सरकार संवाद क्यों नहीं करती और बल का प्रयोग क्यों करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ, लेकिन सरकार ने न तो माफी माँगी और न ही समस्या का समाधान किया।
राजद नेता ने कहा कि पेपर लीक के मामलों में अब तक कोई सजा नहीं मिली, जबकि कई बार सीबीआई ने जांच दर्ज करवाई है। उन्होंने विपक्ष को संसद में बोलने का अवसर नहीं मिलने और नागरिकों पर बल प्रयोग करने को आपातकाल जैसा कहा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखदेव भगत ने बताया कि पेपर लीक से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, कई की आयु सीमा समाप्त हो गई और बार‑बार परीक्षाएँ देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य का सवाल है।
बाजपा के आरपी सिंह ने 2024 में पारित एंटी‑लीक कानून की रक्षा की और कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह समय जब कांग्रेस और अन्य oppositions ने इस कानून पर कोई सुझाव नहीं दिया, अब वही लोग इस पर राजनीति कर रहे हैं।


