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जेएनयू में ब्राह्मणवाद विरोधी नारे, एबीवीपी का कड़ा पलटवार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाए जाने के विरोध में लेफ्ट विचारधारा के छात्रों ने साबरमती ढाबा के पास प्रदर्शन किया। लगभग...

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Lok Shaktiसंवाददाता (Reporter)
|भारत|
January 29, 2026
जेएनयू में ब्राह्मणवाद विरोधी नारे, एबीवीपी का कड़ा पलटवार
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगाए जाने के विरोध में लेफ्ट विचारधारा के छात्रों ने साबरमती ढाबा के पास प्रदर्शन किया। लगभग 50 छात्रों ने ब्राह्मणवाद का पुतला दहन किया और 'ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद' के नारे लगाए। इस पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध जताया।

एबीवीपी के प्रियांशु ने कहा कि जेएनयू करदाताओं के धन से चलने वाला संस्थान है, न कि बर्बादी के नारों की फैक्ट्री। प्रदर्शन में भाजपा-संघ के खिलाफ विनाशकारी नारे लगे, साथ ही जातिवादी बयानबाजी हुई। लोकतंत्र अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता है, लेकिन लेफ्ट गुट उसकी मर्यादा का उल्लंघन करता है।

जेएनयू से पीएचडी कर रहे कृष्णकांत द्विवेदी ने प्रदर्शन को शर्मनाक बताया। कोर्ट के स्टे से लेफ्ट का इकोसिस्टम बेचैन हो गया। संघ-भाजपा के खिलाफ नारे लाखों स्वयंसेवकों का अपमान हैं। यह देश को तोड़ने की साजिश है।

जेएनयूएसयू के लेफ्ट कार्यकर्ताओं का मानना है कि कोर्ट का फैसला ब्राह्मणवाद को बढ़ावा देता है। यह घटना कैंपस की वैचारिक जंग को उजागर करती है, जहां छात्र संगठन आमने-सामने हैं। जेएनयू का भविष्य ऐसे टकरावों पर निर्भर करता दिख रहा है।

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