
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (जेकेएसए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर के फंसे हुए छात्रों को सुरक्षित निकालने की तत्काल मदद मांगी है। ईरान में पढ़ाई कर रहे सैकड़ों छात्रों की जान पर बन आई है।
जेकेएसए के अनुसार, तेहरान और अन्य शहरों में मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे लगभग 220 कश्मीरी छात्र युद्ध जैसे माहौल में फंस गए हैं। कक्षाएं बंद, भोजन-पानी की किल्लत और सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है।
संघ के प्रवक्ता ने पीएमओ को लिखे पत्र में कहा, ‘ये छात्र अपने सपनों के पीछे गए थे, लेकिन अब डर और अनिश्चितता घेरे हुए है।’ वे भारत सरकार के पिछले सफल अभियानों जैसे यमन और यूक्रेन ऑपरेशन का हवाला देकर त्वरित कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।
परिवार वाले कश्मीर घाटी में चिंतित हैं। जेकेएसए ने विशेष उड़ानों, दूतावास की मदद और हेल्पलाइन की मांग की है। यह संकट भारतीय छात्रों की विदेशी पढ़ाई की जोखिमों को उजागर करता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में जल्द समाधान की उम्मीद है।
