
श्रीनगर, 12 मार्च। जम्मू के ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इस घटना की गहन जांच शुरू कर दी है और आरोपी कमल सिंह जम्वाल की पूरी पृष्ठभूमि खंगाल रही है।
63 वर्षीय हमलावर ने डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी और सीएम के सलाहकार नासिर असलम वानी के साथ बाहर निकल रहे फारूक पर पीछे से गोली चलाई। सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से हमला विफल हो गया और पुलिस ने आरोपी को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से लाइसेंसी पिस्तौल जब्त कर ली गई।
पूछताछ में जम्वाल ने कबूल किया कि वह 20 साल से फारूक को निशाना बनाने की फिराक में था। वह जम्मू के पुरानी मंडी में दुकानों के किराए से गुजारा करता है। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास, निजी जीवन, सामाजिक संबंधों और किसी संगठन से जुड़ाव की जांच कर रही है।
घटना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। वरिष्ठ अधिकारी आरोपी की हालिया गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। बीजेपी नेता रविंदर रैना ने हमले के कारणों और फारूक की सुरक्षा की गहन जांच की मांग की। आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने इसे चिंताजनक बताते हुए सख्त कार्रवाई की अपील की।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसे सुरक्षा चूक करार दिया। सज्जाद गनी लोन, वहीद उर रहमान पारा और मीरवाइज उमर फारूक ने भी निंदा की। नासिर असलम वानी ने कहा कि अल्लाह की कृपा से सभी सुरक्षित हैं और फारूक भटिंडी स्थित घर पर आराम कर रहे हैं। यह घटना जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिरता पर खतरे की घंटी है।