
जम्मू, 19 फरवरी। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रो. अशोक कौल की पुस्तक ‘कश्मीर-नेटिविटी रीगेन्ड’ के विमोचन समारोह में कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का केंद्र सरकार का दृढ़ संकल्प दोहराया। जम्मू विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में 1989-90 के विस्थापन की मार्मिक घटना को पुस्तक ने उकेरा है, जिसमें आतंक के साये में जड़ों से उखड़ने का दर्द साफ झलकता है।
सिन्हा ने कहा कि 2019 से जम्मू-कश्मीर गहरा रूपांतरण कर रहा है। दुश्मन की चालों को चूर किया गया है, जो युवाओं के सपनों को चैन से सोने नहीं देना चाहती थीं। प्राचीन वैभव लौटा है, विकास को रफ्तार मिली है और जल्द ही यह धरती आतंकमुक्त होगी।
पुस्तक की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इसे दबे सत्यों को उजागर करने वाली कोशिश बताया। कश्मीरी पंडित समुदाय के साहस को नमन किया, जिन्होंने कष्टों में भी संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संभाल रखा। 2021 में शुरू किए गए माइग्रेंट पोर्टल से उनकी संपत्तियों को वापस दिलाया जा रहा है।
उन्होंने आतंक के कारनामों पर प्रहार किया, पाक प्रायोजित हिंसा का जिक्र किया जो निर्दोष मुसलमानों का भी शिकार बना। अनुच्छेद 370 हटने से युवाओं में नया जोश जगा है। पुनर्निर्माण के दौर में पंडित केंद्र में हैं। समारोह में कुलपति प्रो. उमेश राय सहित कई गणमान्य उपस्थित थे।