
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है, जहां अधिकारियों ने नकली पद बनाकर सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया। क्राइम ब्रांच की आर्थिक अपराध शाखा ने बारामुल्ला की स्पेशल एंटी करप्शन कोर्ट में 17 लोगों के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किया है।
इस साजिश का केंद्र 19 अप्रैल 2010 का सरकारी आदेश संख्या 235-एचएमई था, जिसमें बांदीपोरा मेडिकल ब्लॉक के लिए फर्जी प्रविष्टियां जोड़ी गईं। अधिकारियों ने नकली ट्रांसफर और नियुक्ति आदेश तैयार कर पीएचसी चुन्तिमुल्लाह, पीएचसी अष्टांगू, एसडीएच बांदीपोरा और पीएचसी शेखपोरा गुरेज जैसे केंद्रों में गैर-मौजूद पदों पर लोगों को जमा दिया।
इसके जरिए वेतन, 6वीं वेतन आयोग के भत्ते निकाले गए, जिससे खजाने को भारी नुकसान हुआ। जांच में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, ब्लॉक मेडिकल अधिकारी, डॉक्टर, सीनियर असिस्टेंट, डीलिंग असिस्टेंट और 12 लाभार्थी कर्मचारियों की सांठगांठ सामने आई।
श्रीनगर के डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज के पत्र से केस दर्ज हुआ था। पूर्ण जांच के बाद कोर्ट में मामला न्यायिक तय के लिए पेश किया गया है। यह घटना विभागीय भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को उजागर करती है।
अब सख्त निगरानी और डिजिटल सत्यापन की मांग तेज हो गई है, ताकि भविष्य में ऐसी लूट रोकी जा सके। जनता उम्मीद कर रही है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी।