
श्रीनगर में कोविड-19 महामारी के दौरान मेडिकल सप्लाई में हुई धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा हुआ है। कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने दो व्यक्तियों के खिलाफ धांधली का मामला दर्ज कर लिया है। ये आरोपी सरकारी विभागों को चूना लगाने में कामयाब रहे थे।
लिखित शिकायत पर आधारित यह कार्रवाई पीरबाग और सनत नगर निवासी इन धोखेबाजों के खिलाफ है। उन्होंने खुद को जम्मू-कश्मीर सचिवालय और ओएसडी सप्लाई के प्रतिनिधि बताकर मेडिकल सामान के भुगतान असली सप्लायरों के नाम से खोले गए फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। नकली ईमेल आईडी बनाकर उन्होंने अपनी पहचान छिपाई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक सरकारी दफ्तर से 27 लाख रुपये ठग लिए गए, जबकि एक मेडिकल संस्थान से 2.24 करोड़ रुपये उड़ाने की साजिश रची गई थी।
भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 120-बी और आईटी एक्ट की 66-डी के तहत मामला दर्ज हुआ है। ईओडब्ल्यू ने संज्ञान लेते हुए गहन छानबीन शुरू कर दी है।
यह मामला महामारी काल में सरकारी खरीद प्रक्रिया की कमजोरियों को उजागर करता है। आगे की जांच से सारे राज खुल सकते हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।