
जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों के नाम पर युवाओं को ठगने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बेरोजगार नौजवानों को झांसे में लेकर भारी रकम ऐंठने वाले ये आरोपी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को सरकारी अधिकारियों का करीबी बताते थे। वे सोशल मीडिया और मौखिक प्रचार के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को फर्जी भर्ती का लालच देते। 50 हजार से 5 लाख रुपये तक वसूलकर नौकरी की गारंटी देते थे।
पीड़ितों ने बताया कि फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र दिखाकर भरोसा जीता जाता। एक युवक ने 2 लाख रुपये देकर कांस्टेबल की नौकरी के नाम पर ठगा गया। राजौरी-पुंछ समेत कई जिलों से शिकायतें मिलीं।
धोखाधड़ी, विश्वासघात और जालसाजी के तहत एफआईआर दर्ज। छापेमारी जारी, मोबाइल-लैपटॉप जब्त। बेरोजगारी के इस दौर में युवा आसानी से शिकार हो रहे।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि केवल आधिकारिक चैनलों से भर्ती की जानकारी लें। हेल्पलाइन शुरू, पीड़ितों को न्याय दिलाने का भरोसा। यह मामला नौकरी बाजार में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है।