
झारखंड के पाकुड़ जिले में मंगलवार की शाम एक भयानक रेल हादसे ने एक सुखी परिवार को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। राजापाड़ा निवासी चंदन सरदार, उनकी पत्नी रिंपा सरदार और मात्र तीन साल की बेटी अर्पिता विक्रमपुर से पैदल घर लौट रहे थे। नगरनबी रेलवे क्रॉसिंग पर न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जा रही तेजरफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसा पाकुड़-रामपुरहाट रेलखंड पर पोल नंबर 47/40 और 47/38 के बीच करीब 8 बजे हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। आरपीएफ और जीआरपी की टीमें मौके पर पहुंचीं, शव बरामद किए और जांच शुरू कर दी। इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, जहां चंदन का परिवार सदमे में डूबा हुआ है।
परिजनों के अनुसार, चंदन अपनी बहन के घर गए थे और पैदल ही लौट रहे थे। रेलवे क्रॉसिंग पर कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी साइन न होने से यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह क्रॉसिंग खतरनाक है, जहां अक्सर पैदल यात्री गुजरते हैं। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सहायता का भरोसा दिया है। जांच पूरी होने पर कारण स्पष्ट होंगे, लेकिन फिलहाल पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है। यह हादसा बिना गेट वाले रेल क्रॉसिंग पर तत्काल सुधार की मांग को तेज कर रहा है। परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा।