
उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा है कि उपराष्ट्रपति चुनाव की गरिमा को बनाए रखते हुए, सभी सांसदों से समर्थन की अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 45 वर्षों से संविधान की रक्षा कर रहे हैं, और मौजूदा परिस्थितियों के कारण उपराष्ट्रपति पद के लिए अपनी अंतरआत्मा से सहमत हुए हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर समर्थन माँगा गया है। रेड्डी ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना संविधान की मूल आत्मा है, जिसकी रक्षा सर्वोच्च न्यायालय करता है। उन्होंने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाएँ इसके लिए जिम्मेदार हैं, क्योंकि कोर्ट ने आरोपों को खारिज कर दिया था। उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्यों को पत्र लिखकर समर्थन माँगा है और भाजपा के शीर्ष नेताओं से भी मिलने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका पूरा जीवन राज्य के निर्माण में लगा रहा। संविधान संशोधन बिल पर प्रतिक्रिया देने से पहले उन्होंने संयुक्त समिति की रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही। उपराष्ट्रपति चुनाव की गरिमा बनाए रखने को अपनी प्राथमिकता बताते हुए, उन्होंने कहा कि वह किसी भी व्यक्तिगत टिप्पणी से बचेंगे।
