
झारखंड की राजधानी रांची के कडरू न्यू एजी कॉलोनी में एक परिवार का दर्दनाक अंत देखने को मिला। आर्थिक संकट और पारिवारिक कलह से तंग आकर बेटे ने फांसी लगा ली, जबकि मां और नाबालिग बहन ने जहरीली दवाओं का ओवरडोज ले लिया। बेटे मिहिर की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं मां स्नेहा अखौरी और उनकी बेटी की हालत नाजुक बनी हुई है। दोनों को रांची के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम जी-जान लगा रही है।
मिहिर कोलकाता से चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई पूरी कर हाल ही में रांची लौटा था। वह एक निजी कंपनी में नौकरी कर रहा था। एक हफ्ते पहले ही घर आया था, लेकिन कर्ज के बोझ ने उसे तोड़ दिया। मां स्नेहा झारखंड हाईकोर्ट में वकील थीं, मगर पिछले कुछ महीनों से प्रैक्टिस बंद थी। नौवीं कक्षा की छात्रा बहन भी परिवार के दुख का शिकार हो गई।
अरगोड़ा थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य संग्रह किए। कमरे से मिले सुराग आर्थिक परेशानियों की कहानी बयां कर रहे हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया वित्तीय तंगी ही इस खौफनाक कदम की वजह लग रही है। मां-बेटी के ठीक होने पर गहन पूछताछ होगी।
मिहिर का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। इलाके में सनसनी फैल गई है। लोग हैरान हैं कि पढ़ा-लिखा परिवार कैसे इस हद तक टूट गया। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता की आवश्यकता पर जोर देती है। समाज को ऐसे परिवारों की मदद के लिए आगे आना होगा।