
गिरिडीह में सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल ने अपने वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया, जो विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के उत्साह का संगम बना। यह उत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का मंच नहीं था, बल्कि विद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता, रचनात्मकता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ती पहचान का प्रमाण भी था।
कार्यक्रम की शुरुआत मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने नृत्य, संगीत और नाटकों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी अनुशासित प्रस्तुतियों ने यह दर्शाया कि विद्यालय सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी निरंतर प्रगति कर रहा है। मुख्य अतिथि ने विद्यालय की प्रगति और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे “उभरती उत्कृष्टता” का प्रतीक बताया।
विद्यालय के निदेशक, जोरावर सिंह सलूजा ने टीमवर्क, अनुशासन और आधुनिक शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों के विश्वास के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि स्कूल का लक्ष्य प्रत्येक विद्यार्थी में वैश्विक दृष्टिकोण, नेतृत्व क्षमता और नैतिक मूल्य विकसित करना है। आधुनिक अवसंरचना और भविष्योन्मुखी योजनाएँ विद्यालय को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बना रही हैं।
सलूजा गोल्ड इंटरनेशनल स्कूल ने स्कूली शिक्षा के बाद कैरियर-उन्मुख 7 नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए हैं, जिनमें नर्सिंग (एएनएम, जीएनएम), फार्मेसी, और पैरामेडिकल (ओटी तकनीशियन, डीएमएलटी, ड्रेसर) शामिल हैं। लॉ कॉलेज और बीएससी नर्सिंग भी जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है, जो विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देगा।
प्राचार्य ममता शर्मा और उप-प्राचार्य सूरज लाला ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। इस वर्ष विद्यालय को “झारखंड का सर्वश्रेष्ठ उभरता आवासीय विद्यालय” का सम्मान मिला, और कई शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया।
विद्यालय भविष्य में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, डिजिटल लाइब्रेरी, उन्नत खेल परिसर, और STEAM-आधारित शिक्षा जैसी पहलों के माध्यम से अपनी अंतरराष्ट्रीय योजनाओं को साकार करने के लिए तैयार है। यह उत्सव विद्यालय की वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की असीम संभावनाओं का एक शानदार संगम था, जिसने सभी को प्रेरित किया।






