
रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का विशालकाय बजट पेश कर दिया। यह पिछले साल के 1.45 लाख करोड़ से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। ‘अबुआ दिशोम’ नामक इस बजट को झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाने और गरीबों के आंसू पोंछने वाला बताया गया है।
बजट में समाज के हर वर्ग- गरीब, किसान, आदिवासी, महिलाओं पर खास जोर। महिला किसानों के लिए ‘महिला खुशहाली योजना’ शुरू, 25 करोड़ का प्रावधान। आधुनिक कृषि तकनीक और बाजार से जोड़ने का लक्ष्य। नकदी फसलों के लिए 19.88 करोड़ और हर विधानसभा में सौर कोल्ड रूम वाले विपणन केंद्रों के लिए 162 करोड़।
शिक्षा में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस। 23 पॉलिटेक्निक को आईआईटी-एनआईटी स्तर का झारखंड आईआईटी बनाया जाएगा। चतरा में डॉ. अंबेडकर विश्वविद्यालय। स्वास्थ्य में सभी मेडिकल कॉलेजों में पीईटी-सीटी, जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी, कैथलैब और 750 अबुआ दवाखाना।
केंद्र पर आरोप- 5 हजार करोड़ कर हिस्सा और 11 हजार अनुदान न मिला। कोयला बकाया 1.36 लाख करोड़। फिर भी विकास में कोई कमी नहीं। जीएसडीपी 5.16 लाख करोड़ को 5 साल में दोगुना करने का लक्ष्य, 14 फीसदी विकास दर। कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा पर बल।
सड़क-ग्राम सड़क योजना में 1,000 करोड़, 1,644 किमी पूरी। ग्राम सेतु में 730 करोड़, 122 पुल बने। निवेश: डब्ल्यूईएफ से 1.24 लाख करोड़ (45 हजार नौकरियां), नीतियों से 20 हजार करोड़ (15 हजार रोजगार)। पर्यटन में दशम-जोन्हा में ग्लास ब्रिज, रोपवे, नेतरहाट में स्काईवॉक आदि।
बच्चों के लिए 10,793 करोड़ (138 योजनाएं), लैंगिक बजट 34,211 करोड़ (232 योजनाएं)। राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत। सदन बुधवार तक स्थगित।