
रांची: झारखंड में सरकारी खजाने से करीब दस हजार करोड़ रुपये के लापता होने के गंभीर आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हंगामा मचा दिया है। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया।
मरांडी ने बताया कि वित्त मंत्री द्वारा विभागों से हिसाब मांगने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया। वित्त मंत्री के आदेश पर बैठक बुलाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन न बैठक हुई और न ही कोई स्पष्टीकरण दिया गया।
उन्होंने कहा कि खजाने से लगातार धनराशि निकासी हो रही है, मगर इसका व्यय कहां हुआ, इसका कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं। वित्त मंत्री के आदेशों की अनदेखी से साफ जाहिर है कि अधिकारियों को मौन रहने का फरमान सुनाया गया है।
सत्ता के केंद्रीकरण का आरोप लगाते हुए मरांडी ने कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों को अपाहिज बना दिया गया है और वे अपने विभागों में फैसले नहीं ले पा रहे।
यह मुद्दा अब राष्ट्रीय पटल पर छाया हुआ है। मुख्य सचिव द्वारा तीन माह से जांच फाइल दबाए रखना और सरकार का चुप रहना संदेह को बढ़ावा दे रहा है।
मरांडी ने प्रतिबद्धता जताई कि वे विपक्ष की भूमिका निभाते हुए इस घोटाले को उजागर करेंगे और जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराकर अपराधियों को कड़ी सजा दिलवाएंगे।