
पश्चिम सिंहभूम जिले की जगन्नाथपुर थाना पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल करते हुए एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी से एक युवती को ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न के चंगुल से मुक्ति मिली है। यह मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़िता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के अनुसार, बिहार के औरंगाबाद निवासी मो. शमसेर अली उर्फ मो. शमशेर आलम (39) ने पहले तो शादी का झूठा वादा कर युवती से दोस्ती की। युवती का भरोसा जीतने के बाद, उसने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरों का इस्तेमाल कर पैसे ऐंठने की कोशिश शुरू कर दी।
**प्यार का नाटक, फिर दहेज का बहाना**
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसडीपीओ) राफएल मुर्मू ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान आरोपी और पीड़िता की मुलाकात फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हुई थी। आरोपी ने शादी का वादा करके युवती का विश्वास जीता। हालांकि, 2023 में, उसने दहेज न मिलने का बहाना बनाकर शादी से साफ इनकार कर दिया। बाद में, आरोपी के भाई निसार अली ने उसकी शादी बिहार की ही एक अन्य युवती से करा दी।
**आपत्तिजनक कंटेंट वायरल कर 5 लाख की मांग**
शादी से इंकार के बावजूद, आरोपी युवती के साथ संपर्क में बना रहा। इसी दौरान, उसने युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें हासिल कर लीं और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इन तस्वीरों को हटाने के बदले, आरोपी ने पीड़िता और उसके परिवार से 5 लाख रुपये की मांग की। पैसे न देने पर उसने तस्वीरों को और भी जगहों पर प्रसारित करने की धमकी दी, जिससे युवती गहरे मानसिक सदमे और परेशानी में चली गई।
**कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी**
पीड़िता की शिकायत के आधार पर, जगन्नाथपुर थाना में मामला दर्ज किया गया। आरोपी मो. शमसेर अली और उसके भाई निसार अली के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 77/308(2)/3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 66(ई), 67 और 67(ए) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, 8 दिसंबर 2025 को औरंगाबाद जिले के कासमा थाना क्षेत्र के बटूरी गांव से आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन जब्त किया गया, जिसमें पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें पाई गईं। पुलिस ने फोन और अन्य डिजिटल सबूतों को जब्त कर सील कर दिया है।





